लाल सागर में हूती विद्रोहियों ने गलती से रूसी तेल लेकर जा रहे एक टैंकर को निशाना बनाया है। इस हमले में जहाज को कोई खास नुकसान नहीं हुआ। हमला एक एंटी शिप मिसाइल के जरिए किया गया। बताया जा रहा है कि हमले के वक्त रूसी तेल लेकर जा रहा जहाज यमन के पास से गुजर रहा था।
काहिरा: हूती लड़ाकों ने शुक्रवार को यमन के पास से रूसी तेल लेकर जा रहे एक तेल टैंकर पर मिसाइल से हमला किया। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म एंब्रे ने इस हमले की पुष्टि की है। यह हमला लाल सागर में हूती विद्रोहियों के इलाके में हुआ है। हूती विद्रोहियों को रूस का करीबी माना जाता है। हूती को ईरान का पूर्ण संरक्षण प्राप्त है, जिसमें हथियारों की डिलीवरी भी शामिल है। ईरान, रूस का करीबी है, क्योंकि दोनों देशों की अमेरिक से पुरानी दुश्मनी है। ऐसे में हूती विद्रोहियों के रूसी तेल ले जा रहे टैंकर पर हमले को एक आश्चर्यजनक घटना मानी जा रही है। हूती विद्रोहियों ने रूस से संबंधित इस टैंकर पर हमला तब किया, जब अमेरिका और ब्रिटेन के लड़ाकू विमान यमन में उसके ठिकानों पर जमकर बमबारी कर रहे हैं।
हमले के बाद हूतियों ने किया पीछा
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) संगठन ने कहा कि उसे यमन के बंदरगाह शहर अदन से 90 समुद्री मील दक्षिण पूर्व में एक मिसाइल दागे जाने की रिपोर्ट मिली है। यूकेएमटीओ के एक एडवाइजरी नोट में कहा गया है, “मास्टर ने 400-500 मीटर दूर पानी में एक मिसाइल के लैंड होने और तीन छोटे जहाजों के जरिए पीछा किए जाने की सूचना दी।” इसमें कहा गया है कि हमले में जहाज पर किसी को कोई चोट या क्षति नहीं हुई। एंब्रे ने कहा: “यह दूसरा टैंकर था जिसे रूसी तेल ले जाते समय हूतियों ने गलती से निशाना बनाया।”
हूती के खिलाफ अमेरिका-ब्रिटेन का जवाबी हमला
ईरानी समर्थित हूती आतंकवादी यमन के अधिकांश हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं। उन्होंने 19 नवंबर से लाल सागर में पश्चिमी देशों के कॉमर्शियल जहाजों पर कम से कम 27 बार ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। हूती विद्रोहियों का कहना है कि उनका यह हमला इजरायल के विरोध में है। इस बीच लाल सागर में हूती विद्रोहियों के खिलाफ अमेरिका और ब्रिटेन ने हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिका और ब्रिटेन ने रात भर यमन में हूती के सैन्य ठिकानों पर हवाई और समुद्र से हमले किए। ईरान के सहयोगी और प्रमुख अरब शक्तियों के साझेदार रूस ने हमलों की निंदा की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तत्काल बैठक बुलाने का आह्वान किया।